सितारगंज में कोरोना संक्रमितों को लेने गई पुलिस का लोगों ने किया विरोध, पुलिस ने लाठियां फटकारीं

सितारगंज। कोरोना संक्रमितों को लेने गई पुलिस और वार्डवासियों के बीच झड़प हो गई। वार्डवासियों के विरोध करने पर पुलिस ने बल का प्रयोग किया तो लोगों ने पुलिस को ही खदेड़ दिया। हंगामे के दौरान बेरिकेडिंग भी तोड़ दी गई। इसके बाद कोतवाली से और सिपाही पहुंचे। हंगामे के दौरान काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठियां भी फटकारीं। पुलिस ने मोहल्ले के एक युवक को भी हिरासत में लिया है।

दरअसल, हुआ यूं कि वार्ड संख्या पांच के 32 लोगों में कोरोना की पुष्टि होने पर दोपहर करीब दो बजे रुद्रपुर कोविड केयर सेंटर से पहुंची एंबुलेंस 16 लोगों को लेकर रवाना हो गई। 16 संक्रमित लोग रह गए, जिन्हें शाम करीब सात बजे एंबुलेंस लेने पहुंची। करीब घंटे भर तक संक्रमितों के घरों से न निकलने पर एंबुलेंस कर्मी ने पुलिस को बुलाया। सूचना पर सरकड़ा चौकी प्रभारी दो-तीन सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे और संक्रमितों को जबरन बाहर निकालने की कोशिश की। इस पर वार्डवासियों ने इसका विरोध कर दिया और पुलिस एवं वार्डवासियों के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने बलपूर्वक करीब 10 संक्रमितों को घरों से बाहर निकाला और जबरन एंबुलेंस में ले आए, जिन्हें एंबुलेंस लेकर रुद्रपुर रवाना हो गई।
वहीं, छह लोग घरों से नहीं निकले। पुलिस के बल प्रयोग करने पर वार्डवासी भड़क गए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया और गली से पुलिस कर्मियों को खदेड़ डाला। उनका आरोप था कि पुलिस ने वार्डवासियों के साथ गालीगलौज की। इस पर कोतवाली से और सिपाही मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति पर काबू पाने के लिए लाठियां फटकारीं। घटना के दौरान कई लोग चोटिल भी हुए हैं। पुलिस ने वार्ड के युवक को हिरासत में लिया। घटना के बाद मोहल्ले में तनाव की स्थिति है। कोतवाल सलाहउद्दीन ने बताया कि पुलिस टीम व स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभद्रता करते हुए धक्का मुक्की की गई। बेरिकेडिंग को तोड़कर सरकारी कार्य में बाधा डाली गई है। इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इधर, देर रात समाचार लिखे जाने तक शेष छह संक्रमित अपने घरों में ही थे।